IFFI 2025: Aamir Khan की फिल्म फिलॉसफी और लगान रिस्क

Aamir Khan ने IFFI 2025 में खुद को ‘एंटरटेनर’ बताया, स्क्रिप्ट चुनाव में भावना को प्राथमिकता दी, और लगान पर बात की।

IFFI 2025

💡 अपनी पहचान और मकसद

एंटरटेनमेंट पहले, एक्टिविस्ट नहीं: आमिर खान ने साफ़ किया कि वह खुद को मुख्य रूप से एक “फ़िल्म पर्सनैलिटी” मानते हैं जिसका मुख्य मकसद दर्शकों का मनोरंजन करना है। उन्होंने कहा कि वह एक्टिविस्ट नहीं हैं।

नैचुरल सोशल कमेंट्री: ‘दंगल’, ‘PK’ और ‘तारे ज़मीन पर’ जैसी उनकी फ़िल्मों ने गंभीर सामाजिक मुद्दों को छुआ, लेकिन आमिर ने बताया कि यह अपने आप हुआ, जानबूझकर कोई मैसेज देने के लिए नहीं।

✍️ राइटर्स को क्रेडिट

उन्होंने अपनी फ़िल्मों के मतलब वाले असर का क्रेडिट राइटर्स को दिया, जिन्होंने “दुनिया और किरदार बनाए।” उन्होंने कहा कि उन्हें सिर्फ़ वही स्क्रिप्ट पसंद आती हैं जो उन्हें इमोशनली छूती हैं।

📝 स्क्रिप्ट चुनना और करियर के रिस्क

इमोशनल फ़ैसले: वह सिर्फ़ “इमोशनल एक्साइटमेंट” के आधार पर स्क्रिप्ट चुनते हैं, अक्सर इंडस्ट्री के नियमों या लॉजिक को नज़रअंदाज़ करते हैं।

अलग तरह के फ़ैसले: आमिर ने माना कि उनके करियर के कई फ़ैसले “इम्प्रैक्टिकल” थे।

उन्होंने ‘लगान’ का उदाहरण दिया, जिसे जावेद अख़्तर ने भी उन्हें न करने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने किया क्योंकि वह कहानी से जुड़ गए थे।

अवार्ड्स: आमिर खान को मुंबई में पहला ‘आर.के. लक्ष्मण अवॉर्ड फ़ॉर एक्सीलेंस’ मिला।

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