ऑस्कर के लिए नामांकित फिल्म Homebound ने अभिनेता Vishal Jethwa की फिल्मी पहचान बदल दी।

Vishal Jethwa का नया अध्याय
क्या आपने कभी सोचा है कि एक उभरते हुए कलाकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती क्या होती है? वह असफलता नहीं है। असली डर तो एक ही तरह की भूमिकाओं के जाल में फंस जाने का होता है। Vishal Jethwa के लिए Neeraj Ghaywan की फिल्म ‘Homebound‘ ने इसी जाल को काटने का काम किया है।
यह सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि उनके अभिनय के सफर का एक नया अध्याय था जिसने पूरी फिल्म इंडस्ट्री के सोचने का तरीका बदल दिया।
एक नई पहचान की तलाश
अक्सर जब कोई कलाकार किसी एक किरदार में बहुत ज्यादा मशहूर हो जाता है, तो उसे बार-बार वैसे ही रोल मिलने लगते हैं।
Vishal ने स्वीकारा कि ‘Homebound’ से पहले उन्हें एक ही शैली की फिल्में मिल रही थीं। कलाकार के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या वह हमेशा एक ही सा काम करता रहेगा?
लेकिन इस फिल्म की कामयाबी ने उन्हें उस सीमित दायरे से बाहर निकाला। आज वह जो पटकथाएं पढ़ रहे हैं, उनमें एक अलग तरह की गहराई और नयापन है।
‘Homebound’ ने उन्हें सिर्फ नाम और शोहरत नहीं दी, बल्कि उन्हें सिनेमा जगत में एक सम्मानित स्थान पर खड़ा कर दिया है।
अभिनय का मनोविज्ञान
अक्सर लोग समझते हैं कि एक सफल फिल्म का मतलब सिर्फ बॉक्स ऑफिस है। लेकिन विशाल के लिए यह उनकी आंतरिक यात्रा थी। एक अभिनेता जब अपनी पुरानी छवि को मिटाकर किसी नए सांचे में ढलता है, तो वह उसके लिए पुनर्जन्म जैसा होता है।
‘Homebound’ की सफलता ने यह साबित कर दिया कि अगर नीयत साफ हो और मेहनत सच्ची, तो दर्शक आपको हर रूप में स्वीकार करते हैं।
इस फिल्म ने उन्हें वह आत्मविश्वास दिया है जिससे वह अब जोखिम भरे और चुनौतीपूर्ण किरदारों को चुनने की हिम्मत रख पा रहे हैं।
कटे हुए दृश्यों का महत्व
आमतौर पर अभिनेता अपनी फिल्म से सीन कटने पर उदास हो जाते हैं। लेकिन Vishal Jethwa की सोच यहाँ एकदम अलग और परिपक्व है।
फिल्म के अंतिम संपादन में उनके Janhvi kapoor, Ishan और यहाँ तक कि अपनी फिल्मी माँ के साथ कई भावुक दृश्य हटा दिए गए। इसके बावजूद, विशाल को कोई मलाल नहीं है।
उनका मानना है कि फिल्म एक सामूहिक कला है और व्यक्तिगत दृश्यों से ज्यादा जरूरी फिल्म की लय होती है। यह सोच दिखाती है कि एक अच्छा अभिनेता अपनी कला को अपने अहंकार से ऊपर रखता है।
कुछ मुख्य बातें:
- ‘Homebound’ ने विशाल को टाइपकास्टिंग के खतरे से बचाया।
- अभिनेता के अनुसार, अब उनके पास आने वाली स्क्रिप्ट्स में काफी विविधता है।
- फिल्म को 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स (Oscars) के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में चुना गया है।
- Vishal का मानना है कि कहानी को बेहतर बनाने के लिए दृश्यों की कटौती जरूरी है।
आज जब ‘Homebound’ ऑस्कर की रेस में खड़ी है, तो यह केवल फिल्म की जीत नहीं है। यह जीत उस मेहनत की है जो सेट पर बिना किसी स्वार्थ के की गई थी।
Vishal Jethwa के लिए यह सफर अब और भी रोमांचक होने वाला है, जहाँ उनकी कला को किसी खास दायरे में नहीं बांधा जा सकता।

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